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Showing posts from July, 2025

डरावनी हवेली का रहस्य

 गर्मी की एक उमस भरी रात थी। रमेश और उसकी पत्नी अनीता, अपनी बेटी सारा के साथ, एक पुरानी हवेली की ओर बढ़ रहे थे, जो उनके गाँव से कुछ मील दूर जंगल के बीचों-बीच बनी थी। यह हवेली उनके परिवार की पुरानी संपत्ति थी, जिसे उनके दादाजी ने बनवाया था। रमेश के पिता ने हमेशा उस हवेली के बारे में चुप्पी साध रखी थी, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद, रमेश को उसकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पापा, ये जगह इतनी सुनसान क्यों है? सारा ने कार की पिछली सीट से पूछा, उसकी आवाज में हल्का डर झलक रहा था। बेटा, ये पुरानी हवेली है। यहाँ कोई नहीं रहता, इसलिए सुनसान लगती है, रमेश ने जवाब दिया, लेकिन उसकी आवाज में भी एक अनजानी बेचैनी थी। अनीता चुपचाप खिड़की से बाहर देख रही थी, जहाँ घने जंगल के पेड़ अंधेरे में डरावने सायों की तरह नजर आ रहे थे। रास्ता टेढ़ा-मेढ़ा था, और कार की हेडलाइट्स जंगल की अंधेरी पगडंडी को मुश्किल से रोशन कर पा रही थीं। अचानक, कार का इंजन खाँसने लगा और रुक गया। ये क्या हुआ? अनीता ने घबराते हुए पूछा। पता नहीं, शायद इंजन गर्म हो गया है, रमेश ने कहा और कार से उतरकर बोनट खोला। उसने इधर-उधर देखा, लेकिन...

तो वह वापस माँगने आएगी

  कस्बा था छोटा-सा, नाम था कालापानी। हिमाचल की पहाड़ियों में बसा, जहाँ सर्दियों में कोहरा इतना घना होता कि सामने का आदमी भी धुंधला दिखाई देता। कालापानी की सड़कें संकरी थीं, और रात को बस्ती में सन्नाटा ऐसा छा जाता कि कुत्तों की भौंक तक सुनाई देना बंद हो जाता। गाँव वाले बताते थे कि यहाँ की रातें कुछ अजीब हैं। कुछ कहते, पुरानी हवेली में भूतों का बसेरा है। कुछ का मानना था कि जंगल के उस पार कोई अनहोनी ताकत रहती है, जो रात को जागती है। लेकिन ये सब बातें थीं, जो दिन के उजाले में हँसी-मजाक बनकर रह जाती थीं। रात होते ही लोग अपने घरों में ताले डालकर दुबक जाते। कमलेश एक नया-नया पत्रकार था। दिल्ली से आया था, छोटे-मोटे अखबार में काम करता था। उसे कालापानी भेजा गया था एक स्टोरी के लिए। कस्बे के पास जंगल में कुछ पुरानी खदानों के अवशेष मिले थे, और वहाँ से कुछ अजीबोगरीब चीजें निकल रही थीं—कंकाल, पुराने हथियार, और कुछ ऐसी चीजें जिनका कोई हिसाब नहीं था। कमलेश को ये स्टोरी बोरिंग लग रही थी, लेकिन नौकरी नई थी, और उसे कुछ बड़ा करना था। उसने सोचा, अगर कुछ सनसनीखेज मिल गया तो शायद उसका नाम बन जाए। वह कालाप...